Featured Image -- 1559

AAP: AAM AADMI ASHLEEL PARTY

Wonderful Attempt

TalkingPen

आम आदमीअश्लील पार्टी ।।

कुछ लिखना है कुछ कहना है, अब तुम पर लिखूँ या अपने आप पर लिखूँ।।

नशा तुममे पूरा है, पर फिर भी क्या शराब पर लिखू।।

आज फेकते हुए देखा मेरे यार ने रोटिया उसको ,,

किसी गरीब पर लिखूँ या उन साहब पर लिखूँ।।

“”और बस इन्ही शब्दो पर कही से आकर अटका जैसे कली पर कोई भंवरा ,किसी फूल की तलाश में ,,जैसे कोई प्यासा भटकता हो घड़े की आस में ,लिखूँ तो क्या लिखूं समझ ही परे हो गई है आज तो ।अखबार उठाया तो क्या था कहीं मर्डर ,कहीं खून के छींटे और वहशी पने की पराकाष्ठा ,,दरिंदगी एक 10 माह की नवजात के साथ एक मजदूर की हैवानियत।। सोच में पड़ा ,मैं बैठा सोचता हूं क्या ,की गलती किसकी है, दोष है अनपढ़ होने का या जो भेड़िये छुपा रखे है अंदर उसका।। पर तभी पन्नो के पलटते ही फिर…

View original post 733 more words

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s